गैस आधारित इकोनॉमी के लिए बड़ा कदम साबित होगा ये फ़ैसला

नई दिल्ली। पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड ने पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड के उस निर्णय का स्वागत किया है जिसमें कंपनी किसी भी भौगोलिक क्षेत्र में एलएनजी स्टेशन स्थापित कर सकती है. इसके लिए किसी तरह का सिटी गैस वितरण से जुड़ा लाइसेंस आदि की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. पीएनजीआरबी द्वारा 2 जून को मंजूर किए गए इस निर्णय का पेट्रोनेट एलएनजी ने स्वागत किया है. यहां उल्लेखनीय है कि पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड देश की सबसे बड़े एलएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है. राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे एलएनजी स्टेशन के विकास करने में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों व सीजीडी कंपनियों के लिए समन्वयक की भूमिका का निर्वहन करती है.

पेट्रोनेट के प्रबंध निदेशक और सीईओ प्रभात कुमार ने कहा कि पेट्रोनेट के उद्यमशिलता गैस आधारित अर्थव्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की संकल्पना को सफल बनाने में जुटी है. जिसके जरिए हम देश में स्वच्छ ऊर्जा आधारित अर्थव्यवस्था के अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने में सफल होंगे.

इसी क्रम में पेट्रोनेट ने धेज और कोच्चि टर्मिनल में पहली बार व्यावसायिक पंजीकृत एलएनजी बसों का परिचालन प्रारंभ किया है. इन बसों के जरिए पेट्रोनेट के कर्मचारी घर से कार्यस्थल तक का सफ़र तय करते हैं. यह इस बात परिवहन संसाधनों में स्वच्छ ऊर्जा की महत्ता व उसकी उपयोगिता को प्रमाणित कर रहा है, आपको जानकर हैरानी होगी कि इन बसों में एलएनजी की सिंगल फिलिंग पर 900 किलोमीटर तक आप सफ़र कर सकते हैं.

इसके अतिरिक्त पेट्रोनेट दिल्ली-मुंबई हाईवे पर एलएनजी वितरण केंद्र खोलने जा रहा है. एलएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के केंद्र सरकार के प्रयासों के साथ पेट्रोनेट कदमताल कर रहा है. एक स्वच्छ व प्रदूषण रहित ईंधन होने के साथ एलएनजी परंपरागत क्रूड ऑयल से 30 से 40 प्रतिशत सस्ता होने के कारण देश के तेल आयात पर होने वाले खर्च को 25 प्रतिशत कम करता है.

कहीं भी लगाया जा सकता है एलएनजी स्टेशन

PNGRB के ताज़ा निर्णय में कहा गया है कि पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो यह प्रमाणित करहता कि एलएनजी स्टेशन की स्थापना केवल अधिकृत कंपनी ही कर सकती है. नोटिस के अंतिम पैराग्राफ में पीएनजीआरबी ने कहा है कि एक्ट का अध्ययन करने के बाद यह नतीजा सामने आया है कि कोई भी एंटिटी (कंपनी) किसी भी भौगोलिक क्षेत्र में एलएनजी स्टेशन की स्थापना कर सकती है. भले ही वह कंपनी उस क्षेत्र के लिए अधिकृत ना हो। हालांकि, पीएनजीआरबी ने यह भी साफ किया है कि एलएनजी स्टेशन स्थापित करने के लिए कंपनी को एक्ट के अन्य प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा.

प्राइवेट कंपनियों को होगा बड़ा फायदा

रेगुलेटरी के इस कदम से देश में एलएनजी स्टेशन लगाने को लेकर बन रही भ्रम की स्थिति दूर होगी. इससे शैल और पेट्रोनेट एलएनजी जैसी प्राइवेट कंपनियों की एलएनजी स्टेशन लगाने की राह आसान होगी. इन कंपनियों के पास सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस नहीं है, लेकिन यह कंपनियां परिवहन सेक्टर के लिए एलएनजी का वितरण करना चाहती हैं. इसके लिए यह कंपनियां अपने एलएनजी स्टेशन लगाना चाहती हैं। एलएनजी की रिटेल बिक्री के इस संबंध में शैल ने सरकार से स्षष्टीकरण भी मांगा है. शैल अपने पेट्रोल पंपों के जरिए एलएनजी की बिक्री करना चाहती है. शैल और पेट्रोनेट दोनों के देश में एलएनजी आयात टर्मिनल स्थापित हैं.

गेल एक बड़ा एलएनजी नेटवर्क विकसित कर रही है

पीएनजीआरबी के इस ताज़ा फैसे से निजी कंपनियों के साथ सार्वजनिक कंपनियों के लिए भी एलएनजी स्टेशन स्थापित कर सकेंगी. देश की सबसे बड़ी गैस वितरण कंपनी गेल एलएनजी नेटवर्क स्थापित करने के लिए एक्सिनमोबिल, मित्सुई जैसी प्राइवेट कंपनियों से पहले से ही बातचीत कर रही है. गेल 6000 किलोमीटर लंबे स्वर्णिम चतुर्भुज एक्सप्रेस-वे के किनारे एलएनजी नेटवर्क स्थापित करना चाहती है.

जानिए क्या है एलएनजी के लाभ

प्राकृतिक गैस का एक तरल रूप एलएनजी कहलाता है. इसे सामान्यत: पर जहाजों के माध्यम से बड़ी मात्रा में उन देशों में भेजा जाता है जहां पाइपलाइन का जाना संभव नहीं है. प्राकृतिक गैस को 160 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा करके तरल अवस्था में लाया जा सकता है जिससे कि यह गैसीय मात्रा के मुकाबले 1/600वे हिस्से में रखी जा सके. इसलिए इसे तरलीकृत प्राकृतिक गैस कहा जाता है जिससे गैस परिवहन में कम जगह का इस्तेमाल करती है. प्राकृतिक गैस से तरलीकृत प्राकृतिक गैस बनाने की प्रक्रिया के दौरान बहुत सारी अशुद्धियां निकल जाती है। इसलिए एलएनजी को प्राकृतिक गैस का शुद्धतम रूप माना जाता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here