स्वदेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप बनाकर 5 लाख रुपये जीतने का मौका

फिक्की द्वारा आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक
  • भारतीय शिक्षण मंडल ने स्वदेशी ‘वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग ऐप’ बनाने के लिए ५ लाख रुपये का पुरस्कार घोषित किया
  • भारत सरकार के शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने लांच की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता

नई दिल्ली। ZOOM वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं के बीच भारतीय शिक्षण मंडल ने देश को एक स्वदेशी वीडियो  कॉन्फ़्रेंसिंग ऐप  प्रदान करने के लिए कमर कस ली है. मंडल ने रिसर्च फॉर रेसरजेन्स (RFR) फाउंडेशन, नागपुर और भारतीय प्रौद्यौगिकी संस्थान, रोपड़  के साथ मिलकर 5 लाख रुपये नगद पुरस्कार के साथ मंगलवार, 21 अप्रैल को  राष्ट्रीय स्तर की ‘मोबाइल बेस्ट क्लाउड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रतियोगिता’ की घोषणा की है.

खुद शिक्षा मंत्री ने किया आह्वान

इस प्रतियोगिता की घोषणा करते हुए भारत सरकार की शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने देश भर के तकनीकी शिक्षण संस्थानों, शोध संस्थानों और विश्वविद्यालयों के तकनीकी विभागों में अध्ययनरत विद्यार्थियों उनके शिक्षकों से इसमें भाग लेने का आह्वाहन किया. उन्होंने कहा कि देश में युवा प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है. मेरा तकनीकी क्षेत्र के युवाओं के आग्रह है कि ऐसा वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग ऐप बनायें  कि देश को गर्व हो. मुझे विश्वास है कि  शीघ्र ही हमारे युवा इस देश को एक बहु उपयोगी मोबाइल क्लाउड वीडियो कॉन्फरेंसिग ऐप उपलब्ध करा देंगे. श्री पोखरियाल ‘निशंक’ भारतीय शिक्षण मंडल द्वारा आयोजित ‘फेसबुक लाइव’ संवाद श्रंखला में ‘COVID-19: चुनौतियां और शिक्षा’ विषय पर अपने विचार भी व्यक्त किये. उन्होंने अभिभवकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि भारत सरकार और विशेष रूप से देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी उन सबके साथ हैं. शिक्षा मंत्री ने अभिभवकों से आग्रह किया कि बच्चौं को  24×7  पढ़ने के लिए दबाओ ना डालें. उन्हें तनाव मुक्त रखें और पढाई में सहयोग करें. समस्त विषयों का पाठ्यक्रम ऑनलाइन उपलब्ध करवा दिया गया है.

प्रतियोगिता के बारे में ध्यान देने योग्य बातें

प्रतियोगिता के बारे में और जानकारी देते हुए भारतीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मुकुल कानिटकर ने कहा कि ‘मोबाइल बेस्ट क्लाउड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप’ ऐसा होना चाहिए जिसमे 50 से अधिक मोबाइल की एक साथ बीटा वर्जन कम्पेटिबिलिटी हो, मोबाइल से मोबाइल ऐप डेटा पूलिंग कि सुविधा हो और सर्वर कि आवश्यकता नगण्य हो. कानिटकर ने यह भी बताया कि विजेता को नगद पुरस्कार के साथ आईआईटी, रोपड़ में निःशुल्क इंटर्नशिप भी प्रदान की जाएगी. राष्ट्रीय स्तर कि इस प्रतियोगिता में विद्यार्थी, शोध क्षात्र, और स्टार्ट अप कम्पनिया भी भाग ले सकती हैं.  शोध प्रताव जमा करने कि अंतिम तिथि 15 मई 2020 है.पूर्ण विकसित वीडियो  कॉन्फ़्रेंसिंग ऐप का बीटा वर्जन जमा करने कि अंतिम तिथि 31 मई 2020 होगी.

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