कोरोना संकट के बीच नोएडा के उद्यमी सड़क पर उतरने को हुए मज़बूर

नोएडा। 1 जून से एक तरफ देश अनलॉक मोड पर आगे बढ़ रहा है, वहीं इसके बाद भी कारोबारियों और उद्यमियों की समस्याओं का ठोस समधान किसी के पास नहीं है. यही वजह है कि देश के सबसे बड़ी इंडस्ट्रियल सिटी नोएडा के उद्यमियों को आखिरकार सड़क पर उतरना पड़ रहा है. मसला शहर में अवैध झुग्गी झोपड़ियों का है. नौएडा एन्ट्रेप्रिनियोर्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमण्डल अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन ने नेतृत्व में जिलाधिकारी सुहास एलवाई जी से मिला. इस दौरान उद्यमियों ने जिलाधिकारी को बताया कि इंडस्ट्रियल सैक्टर- 5,8,9 तथा सैक्टर-10 के आस-पास हजारों की संख्या में अवैध रूप से कब्जा कर झुग्गी-झोपडी बनाई गई है, जिनमें कोरोना के मरीज निकल रहें हैं और जिसका असर इंडस्ट्रियल यूनिट पर पड़ रहा है. इन क्षेत्रों को प्रशासन द्वारा कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है जिसके कारण लगभग 2000 इकाईयां बंद पड़ी है.

एक्शन में आए डीएम

इस मामले पर जिलाधिकारी ने तुरंत दखल देते हुए कन्टेनमेंट एरिया में आने वाले सैक्टरों का एनईए के प्रतिनिधिमण्डल के साथ संयुक्त रूप से दौरा करने किया. इस मौके पर एनईए प्रतिनिधिमण्डल  के साथ सहायक पुलिस आयुक्त-2 और नगर मजिस्ट्रेट के साथ सैक्टर- 5, 8, 9 तथा सैक्टर-10 का दौरा किया गया. इस मौके पर के विपिन मल्हन ने अवगत कराया कि इन सैक्टरों में उद्योगों का खुलना बेहद जरूरी है जब तक यहां की इंडस्ट्री नहीं खुलेंगी तब तक बड़े उद्योग भी नही चल पायेगें. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि  सरकार की हर गाइडलाइंस का पालन किया जाएगा.

इस अवसर पर  एनईए के अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन, उपाध्यक्ष मौ. इरशाद, कोषाध्यक्ष शरद चन्द्र जैन, सह कोषाध्यक्ष सुश्री नीरू शर्मा, सतनारायण गोयल, सचिव कमल कुमार, अनूप भण्डारी, नरेन्द्र थरेजा, सहित सैकड़ो उद्यमी मौजूद रहे.

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