धर्मेंद्र प्रधान ने बताया पेट्रोल-डीजल के प्राइस हाइक का कौन है जिम्मेदार?

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान आया है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को ऑयल प्रॉड्यूसिंग कंट्रीज को कृत्रिम रूप से कीमतों में वृद्धि का दोषी ठहराया।  यहां आपको बता दें कि पेट्रोल और डीजल की रिटेल प्राइस अब तक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर हैं। फ्यूल की बढ़ती कीमतों पर कांग्रेस समेत विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं। उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल महंगा होने के साथ ही ”हम कीमतों को लेकर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। दरअसल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल संसद में भी पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में बढ़ोतरी पर सरकार की आलोचना कर रहे हैं। वहीं किसान आंदोलन में भी पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को मुद्दा बनाया जा रहा है।

शतक लगाने वाला है पेट्रोल

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान यहां रविवार को बीपीसीएल कोच्चि रिफाइनरी में पेट्रोकेमिकल पार्क के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। इस मौके पर प्रधान ने कहा कि कोरोना संकट के कारण लॉकडाउन के कारण दुनिया भर में पेट्रोलियम उत्पादों की मांग में गिरावट आई। इस वजह से पेट्रोलियम उत्पादकों को उत्पादन में कमी करनी पड़ी।  उन्होंने आगे कहा, ”अब इकोनॉमी फिर से उठ खड़ी हुई है और भारत लगभग कोविड-19 से पहले की ​​स्थिति में लौट आया है। ये बात और है कि तेल उत्पादकों ने उत्पादन नहीं बढ़ाया है। हालांकि इससे पहले पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को संसद में कहा था कि पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का फिलहाल कोई विचार नहीं है। ग्लोबल मार्केट में कोविड क्राइसिस के बाद पहली बार क्रूड ऑयल का भाव 61 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया है। यहां आपको बता दें कि भारत को पेट्रोलियम ईंधन की जरूरत के लिए 80 प्रतिशत आयात पर निर्भर करना पड़ता है। केंद्र पेट्रोल पर प्रति लीटर 32.9 रुपये और डीजल पर प्रति लीटर 31.80 रुपये एक्साइज ड्यूटी लगा रही है।

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